- संवेग (Momentum ) क्या है सबसे आसान भाषा में
- मै इस लेख में आपको सबसे आसान भाषा में संवेग को समझाउंगा की आपको मजा हि आ जायेगा संवेग (Momentum ) क्या है सबसे आसान भाषा में
संवेग (Momentum)
किसी गतिमान वस्तु का संवेग उसमें निहित गति की मात्रा की माप है। किसी वस्तु में निहित गति की मात्रा को बढ़ाने के लिए या गति को समाप्त करने के लिए बल की आवश्यकता होती है। किसी गतिमान वस्तु का संवेग निम्न दो बातों पर निर्भर करता है-
(i) द्रव्यमान पर- यदि विभिन्न द्रव्यमान की दो वस्तुएँ समान वेग से गतिमान हैं तो अधिक द्रव्यमान की वस्तु को रोकने के लिए अधिक बल की आवश्यकता होती है तथा कम द्रव्यमान की वस्तु को रोकने के लिए कम बल की आवश्यकता होती है।
(ii) वेग पर-यदि समान द्रव्यमान की दो वस्तुएँ विभिन्न वेगों से गतिमान हैं तो अधिक वेग वाली वस्तु को रोकने के लिए अधिक बल की आवश्यकता होती है तथा कम वेग वाली वस्तु को रोकने के लिए कम बल की आवश्यकता होती है।
परिभाषा-अत: किसी वस्तु का संवेग उसके द्रव्यमान और वेग पर निर्भर करता है। किसी वस्तु के द्रव्यमान और वेग के गुणनफल को उसका संवेग कहते हैं।
गणित की भाषा में,
संवेग = द्रव्यमान x वेगदि " द्रव्यमान वाली वस्तु के वेग का परिमाण हो तो उसके संवेग का परिमाण
p=mv
सदिश रूप में, ^p=m^v
मात्रक - सूत्र p=mv से,p का मात्रक = m का मात्रक x v का मात्रक
(i) CGS पद्धति में p का मात्रक = ग्राम× सेमी प्रति सेकण्ड = ग्राम - सेमी प्रति सेकण्ड(ii) p का SI मात्रक = किग्रा मीटर प्रति सेकण्ड
= [M][LT-1]]
= [MLT-']
प्रकृति-संवेग एक सदिश राशि है। इसकी दिशा वेग की दिशा के अनुदिश होती है।
संवेग से सम्बन्धित तथ्य-
(i) यदि दो वस्तुएँ समान वेग से गतिमान हैं तो भारी वस्तु का संवेग हल्की वस्तु के संवेगसे अधिक होता है।
विमीय सूत्र - p का विमीय सूत्र = m का विमीय सूत्र x v का विमीय सूत्र
- (ii) यदि दो वस्तुओं के संवेग समान हैं तो हल्की वस्तु का वेग भारी वस्तु के वेग से अधिक होता है।
= [M][LT-1]]
= [MLT-']